गौ-सेवा के मिशन पर निकली फिल्म ‘गोदान’ की टीम इन दिनों गोवा के आध्यात्मिक दौर पर है। जहाँ लोग गोवा को सिर्फ समुद्र तटों और पार्टियों के लिए जानते हैं, वहीं फिल्म के मुख्य कलाकार और बॉलीवुड अभिनेता सहर्ष शुक्ला ने जब ‘तपोभूमि’ गोवा गुरुपीठ के दर्शन किए, तो वे अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाए। मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी से निकलकर सीधे गोवा पहुँचे सहर्ष ने गुरुपीठ की दिव्यता को देखकर इसे ‘अद्भुत’ करार दिया
“पहली बार देखा गोवा का यह असली चेहरा” : सहर्ष शुक्ला
तपोभूमि में सद्गुरु ब्रह्मेशानन्द आचार्य जी से आशीर्वाद लेने के बाद सहर्ष शुक्ला ने कहा, “मैं पहले भी कई बार गोवा आया हूँ, लेकिन ‘श्री दत्त पद्मनाभ पीठ’ का यह रूप देखकर मैं स्तब्ध हूँ। यहाँ की शांति और आध्यात्मिकता ने मेरा दिल जीत लिया। सच कहूँ तो मैंने पहली बार ऐसा गोवा देखा है—जो अपनी जड़ों और संस्कृति से इतना गहरा जुड़ा है।” उन्होंने आगे कहा कि फिल्म ‘गोदान’ भी कुछ ऐसी ही है—जो हमें हमारी विस्मृत जड़ों और गौ-माता के महत्व से रूबरू कराएगी।
सद्गुरु ब्रह्मेशानन्द आचार्य ने सराहा सहर्ष का अभिनय
सद्गुरु जी ने फिल्म के पोस्टर का विमोचन करते हुए सहर्ष शुक्ला की सराहना की और कहा कि एक कलाकार जब अपनी कला को सामाजिक और आध्यात्मिक उद्देश्यों से जोड़ता है, तो वह समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने फिल्म को हर भारतीय के लिए ‘प्रेरणादायक’ बताया।
6 फरवरी 2026: एक नई क्रांति की शुरुआत
मथुरा से हरिद्वार और अब गोवा के आध्यात्मिक केंद्रों का समर्थन पाकर ‘गोदान’ अब रिलीज के लिए पूरी तरह तैयार है। 06 फरवरी 2026 को यह फिल्म देशभर के सिनेमाघरों में एक साथ प्रदर्शित होगी, जो दर्शकों को गौ-वंश के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व का अहसास कराएगी।
